L1 का मतलब है योग्य विक्रेताओं में सबसे कम
L1 वह विक्रेता है जिसकी मूल्यांकित कीमत उन विक्रेताओं में सबसे कम हो जिन्होंने तकनीकी मूल्यांकन पास किया है। जो बिड सस्ती है लेकिन तकनीकी रूप से अयोग्य हो गई — कोई दस्तावेज़ गायब, स्पेसिफ़िकेशन का पालन नहीं, सर्टिफ़िकेट की अवधि ख़त्म — उसकी रैंकिंग होती ही नहीं। इसीलिए "सबसे कम कोट" करने वाले कई विक्रेता न जीतने पर हैरान होते हैं: उनकी कीमत कभी खोली ही नहीं गई।
मूल्यांकन का आधार: कुल, आइटम-वार या ग्रुप-वार
बिड दस्तावेज़ में लिखा होता है कि कीमतों की तुलना कैसे होगी। कुल मूल्य (total value) वाली बिड में L1 सभी आइटम के कुल जोड़ पर तय होता है, इसलिए आपको हर आइटम कोट करना होगा। आइटम-वार मूल्यांकन में हर आइटम का L1 अलग हो सकता है। कुछ बिड आइटम के ग्रुप बनाती हैं। कीमत लगाने से पहले यह पंक्ति पढ़ें: जो रणनीति आइटम-वार मूल्यांकन में काम करती है, वह कुल मूल्य पर नाकाम हो सकती है, और इसका उल्टा भी।
कीमत में क्या-क्या शामिल है
वही सर्व-समावेशी (all-inclusive) कीमत कोट करें जो बिड माँगती है — आमतौर पर टैक्स, कंसाइनी तक डिलीवरी, और बिड में माँगी गई इंस्टॉलेशन या वारंटी समेत। अगर आपने कुछ छोड़ दिया और जीत गए, तब भी वह देना होगा। अगर बिड में BoQ है, तो हर लाइन की यूनिट और मात्रा जाँचें; यूनिट का मिसमैच (प्रति पीस बनाम प्रति बॉक्स) एक आम और महँगी गलती है।
जब रिवर्स ऑक्शन चालू हो
अगर बिड RA में जाती है, तो सीलबंद कीमतें शुरुआती स्थिति तय करती हैं और अंतिम रैंकिंग RA तय करता है। RA बंद होने पर जिस विक्रेता की कीमत सबसे कम होती है, वह L1 बनता है। RA शुरू होने से पहले अपनी न्यूनतम स्वीकार्य कीमत तय कर लें, और लाइव दौर के दबाव में उससे नीचे न जाएँ।
बराबरी (टाई) और खरीद वरीयता
अगर दो या ज़्यादा विक्रेताओं की सबसे कम कीमत बराबर हो, तो टाई बिड की शर्तों और GeM के नियमों के अनुसार सुलझाया जाता है। खरीद वरीयता (purchase preference) की नीतियों से भी सप्लाई करने वाला बदल सकता है: MSE नीति और Make in India आदेश के तहत, जो पात्र विक्रेता L1 से एक तय मार्जिन के भीतर हैं, उन्हें L1 कीमत से मैच करने पर कुछ या पूरी मात्रा ऑफ़र की जा सकती है। मार्जिन और हिस्सा बिड में लिखा होता है।
विक्रेताओं में मात्रा का बँटवारा
जहाँ बिड इसकी अनुमति देती है, खरीदार मात्रा बाँट सकता है: L1 को एक हिस्सा मिलता है और बाकी अगले रैंक वाले विक्रेताओं को L1 कीमत पर ऑफ़र किया जाता है। अगर आप ऐसी बिड में L2 या L3 हैं, तो मैच करने के ऑफ़र पर नज़र रखें — स्वीकार करने के लिए आपके पास कम समय हो सकता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मैंने सबसे कम कीमत कोट की थी। फिर भी मैं L1 क्यों नहीं हूँ?
रैंकिंग सिर्फ़ तकनीकी रूप से योग्य विक्रेताओं की होती है। अगर आपकी बिड तकनीकी मूल्यांकन में फ़ेल हुई, या बिड का मूल्यांकन कुल मूल्य पर है और किसी दूसरे विक्रेता का कुल कम है, तो आप L1 नहीं होंगे। कारण जानने के लिए GeM पर मूल्यांकन का नतीजा देखें।
L1 आइटम-वार तय होता है या कुल पर?
यह बिड पर निर्भर करता है। बिड दस्तावेज़ में लिखा होता है कि मूल्यांकन कुल मूल्य, आइटम-वार या ग्रुप-वार होगा।
क्या L1 न होने वाले विक्रेता को भी ऑर्डर मिल सकता है?
हाँ, कुछ मामलों में: MSE या स्थानीय सप्लायर के लिए खरीद वरीयता, या मात्रा बँटवारे वाली बिड में, L1 कीमत से मैच करने वाले दूसरे योग्य विक्रेताओं को मात्रा का कुछ हिस्सा ऑफ़र किया जा सकता है।
क्या L1 तय करते समय GST गिना जाता है?
कीमतों की तुलना उसी तरह करें जैसे बिड उन्हें कोट करने को कहती है — आमतौर पर सर्व-समावेशी। टैक्स को कैसे गिना जाएगा, यह जानने के लिए बिड में कीमत के ब्रेक-अप वाले निर्देश पढ़ें।
GeM बिड में L2 या L3 क्या है?
ये दूसरे और तीसरे सबसे कम कीमत वाले तकनीकी रूप से योग्य विक्रेता हैं। जहाँ बिड मात्रा बँटवारे या खरीद वरीयता की अनुमति देती है, वहाँ इन्हें L1 कीमत पर मात्रा का हिस्सा ऑफ़र किया जा सकता है।
संबंधित गाइड
नियम बदल सकते हैं। बिड करने से पहले हमेशा बिड दस्तावेज़ और gem.gov.in पर जानकारी ज़रूर जाँचें। · अपडेट 2026-11-02
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