मतलब
जब बिड में इसकी अनुमति हो, तो खरीदार सब कुछ L1 को देने के बजाय ऑर्डर की मात्रा एक से ज़्यादा तकनीकी रूप से योग्य विक्रेताओं में बाँट सकता है। आम तौर पर पहला हिस्सा L1 को मिलता है और बाकी मात्रा अगले विक्रेताओं को दी जाती है, अगर वे L1 कीमत मैच करने को तैयार हों। बिड स्प्लिटिंग लागू है या नहीं, और हिस्से कितने होंगे — यह बिड दस्तावेज़ में लिखा होता है।
आसान भाषा में
ऑर्डर एक विक्रेता की जगह दो-तीन में बँट सकता है — L1 का रेट मैच करेंगे तो आपको भी हिस्सा मिल सकता है।
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इस विषय पर गाइड
यह सामान्य जानकारी है। सही सीमा, प्रतिशत और समय-सीमा बिड दस्तावेज़ और gem.gov.in पर ज़रूर जाँचें।
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