मतलब
कस्टम बिड (custom bid) तब इस्तेमाल होती है जब खरीदार की ज़रूरत किसी मानक GeM प्रोडक्ट या सेवा कैटेगरी में फ़िट नहीं होती। खरीदार अपना स्पेसिफ़िकेशन या कार्य-क्षेत्र (scope of work) ख़ुद लिखता है और बिड उन विक्रेताओं के लिए प्रकाशित होती है जो संबंधित कस्टम कैटेगरी देते हैं। स्पेसिफ़िकेशन खरीदार का लिखा होता है, इसलिए स्कोप और ATC ख़ास ध्यान से पढ़ें और सवाल जल्दी पूछें।
आसान भाषा में
जब माल मानक सूची में नहीं होता, तो अधिकारी अपना स्पेसिफ़िकेशन ख़ुद लिखकर कस्टम बिड निकालता है।
संबंधित शब्द
इस विषय पर गाइड
यह सामान्य जानकारी है। सही सीमा, प्रतिशत और समय-सीमा बिड दस्तावेज़ और gem.gov.in पर ज़रूर जाँचें।
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