मतलब
CRAC वह सर्टिफ़िकेट है जो कंसाइनी GeM पर तब बनाता है जब सामान या सेवाएँ मिल जाएँ, ज़रूरत हो तो उनका निरीक्षण हो जाए, और उन्हें स्वीकार कर लिया जाए। भुगतान के लिए यही सबसे अहम कदम है: CRAC जारी होते ही विक्रेता का बिल पेइंग अथॉरिटी के पास चला जाता है। CRAC में देरी हो तो भुगतान में भी देरी होती है, इसलिए डिलीवरी के बाद कंसाइनी से फ़ॉलो-अप करें।
आसान भाषा में
CRAC यानी अधिकारी का 'माल मिल गया और ठीक है' वाला सर्टिफ़िकेट — इसके बिना भुगतान आगे नहीं बढ़ता।
संबंधित शब्द
इस विषय पर गाइड
यह सामान्य जानकारी है। सही सीमा, प्रतिशत और समय-सीमा बिड दस्तावेज़ और gem.gov.in पर ज़रूर जाँचें।
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